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Ritu Rose

Romance

4  

Ritu Rose

Romance

जरूरी

जरूरी

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कभी हो ना सकी यह किसी की होना सकी पूरी

बेशक से धड़कते हो दिल चाहते होती हैं अधूरी


बड़े मेहरवा हुए हो आजकल चल छोड़ो मेरा आंचल

क्यों इतना सताने लगे हो सताने लगे हो पल पल

यह चांद है किसी और का बना कर रखना दूरी

कभी.....

बेशक....…


माथे की मेरी बिंदिया मारे है लश्कारे

क्यों किसने कहा था आकर मुझ पर क्यों दिल हारे

मेरी आंखों में काजल है मांग भी है सिंदरी

कभी.......

बेशक......


मेरी धड़कन है उनके लिए मेरा उनके लिए है प्यार

खुशियों भरी है दुनिया मत करना मेरा इंतजार

मेरा उनका समर्पण है सब कुछ नहीं मेरी कोई मजबूरी

कभी.......

 बेशक....….


मेरा दिल ही मेरा आईना है बस उनका ही चेहरा दिखता है

मेरी सांसों में है वह समाए मेरे दिल को वह भाता है

कहीं कुछ ना समझ ले तू यह बताना है मेरा जरूरी।


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