STORYMIRROR

Dinesh Dubey

Tragedy

4  

Dinesh Dubey

Tragedy

ऑफिस वाली लव स्टोरी

ऑफिस वाली लव स्टोरी

1 min
356

खट्टी मीठी नोक झोंक से ,

छोटे मोटे रोक टोक से ,

होती है शुरुआत नई नवेली,

ऑफिस वाली लव स्टोरी।।


पर सभी पहुंचे अपने अंजाम ,

ऐसा नहीं होता है।

कुछ दूसरे कान भर देते है 

कुछ अपने सेटिंग में लगते हैं।


फिर बॉस भी बीच में आ जाता है,

वह अपनी राग सुनाता है , 

सबकी औकात बता देता है 

और सीधी राह दिखा देता है!!

और खत्म हो जाती है,

ऑफिस वाली लव स्टोरी ।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy