STORYMIRROR

Kanchan Prabha

Tragedy Action

4  

Kanchan Prabha

Tragedy Action

नियोजित शिक्षक

नियोजित शिक्षक

1 min
264

आज शिक्षक की क्या हालत हो गई है 

सभी विद्यालय जैसे आज अदालत हो गई हैं 

हर छोटी मछली बड़ी मछली का शिकार बन रही है 

शिक्षा देना बच्चों को सरकारी व्यापार बन रही है 


नेता भी लगे है अपनी उल्लु सीधा करने में 

चापलूसों की क्या कहें भला जो लगे हैं जेब भरने में 

शोषित होते शिक्षक सब जो डगरे का बैगन बनते है 

घर परिवार की ना सोचे और उजड़े उपवन बनते हैं 


इनमें भी है खूब खराबी अब क्या क्या मैं बखान करूँ 

काम है लोहे के चने चबाना फिर क्यों ना मैं सम्मान करूँ

हे भगवान तुझे क्या कभी इनसे कोई दुश्मनी हुई थी?

क्या तेरा नेताओं से भर भर घुटने बनी हुई थी?


हर क्षेत्र में हर कार्य में अधिकारी निकाले इनका फरमान

केवल बिहार में आज मिल नहीं रहा इन्हें सम्मान



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy