Bhavna Thaker
Romance
तुम्हारी आँखें है
या दो
कटोरियों में
जड़े कोहिनूर गौहर।
शून्य थी मैं
सुकून से रह
नहींईईईई
रात की सौगात ...
अमृत की गाथा
मोहताज क्यूँ ...
एहसास को स्पर...
मोहिनी के मान...
कहाँ कुछ ज़्य...
मज़ा मिलना चा...
सुकून हो तुम ! ...जो मिलता है , एक अंतराल के बाद ! सुकून हो तुम ! ...जो मिलता है , एक अंतराल के बाद !
पर साथ अपना उम्र भर का लाजमी है पर साथ अपना उम्र भर का लाजमी है
कौन कहता कि निगाहें मेरी परे तुझ से। कौन कहता कि निगाहें मेरी परे तुझ से।
ये छोटा - सा प्यार का तोहफा जो तुझे भेजा हूं, जरूर पहनना और मुझे अपने सबसे करीब महसूस ये छोटा - सा प्यार का तोहफा जो तुझे भेजा हूं, जरूर पहनना और मुझे अपने सबसे कर...
प्रेम तो हम हर रोज करते हैं। शुरू से लेकर आज तक केवल तुम पर मरते हैं। प्रेम तो हम हर रोज करते हैं। शुरू से लेकर आज तक केवल तुम पर मरते हैं।
उसका प्यार से स्वागत करना है मुझे , बलमा मेरे घर आज आ रहा है। उसका प्यार से स्वागत करना है मुझे , बलमा मेरे घर आज आ रहा है।
भोर का वह पहर, जब तुम मुझे आलिंगन में लिए हुए थे, भोर का वह पहर, जब तुम मुझे आलिंगन में लिए हुए थे,
जहां पर चांद हो तारे हो और तन्हाई हो। जहां पर चांद हो तारे हो और तन्हाई हो।
तभी यही था आज भी यही है, एहसास प्यार का तभी यही था, आज भी यही है ... तभी यही था आज भी यही है, एहसास प्यार का तभी यही था, आज भी यही है ...
पुनर्मिलन की आस में तेरे, जिंदा है अब तक। पुनर्मिलन की आस में तेरे, जिंदा है अब तक।
मैं तुम्हारे वास्ते मन चाहता है कुछ भी कर दूं। मैं तुम्हारे वास्ते मन चाहता है कुछ भी कर दूं।
ये नयना उनकी छवि लिए, ये ढूंढे अपने श्याम सुमन। ये नयना उनकी छवि लिए, ये ढूंढे अपने श्याम सुमन।
लाल रंग तेरी प्रीत का, श्याम रंग मेरे मोह का लाल रंग तेरी प्रीत का, श्याम रंग मेरे मोह का
तुम्ही तो हो प्रिए जो मेरे, दिल में ही बसती हो। तुम्ही तो हो प्रिए जो मेरे, दिल में ही बसती हो।
तेरी नजरों में भी ए सनम मेरा नजारा होता। तेरी नजरों में भी ए सनम मेरा नजारा होता।
तुम्हें देख हम प्रियवर जीते तुम बिन सुख के प्याले रीते। तुम्हें देख हम प्रियवर जीते तुम बिन सुख के प्याले रीते।
अब तो मान जाओ ओ सनम मेरी कसम तुम्हें मेरी कसम अब तो मान जाओ ओ सनम मेरी कसम तुम्हें मेरी कसम
शायद यही प्यार है ... शायद यही प्यार है ...
अब और कुछ ख्वाहिश नहीं ! ज़िंदगी जो मिल गईं हमें ! अब और कुछ ख्वाहिश नहीं ! ज़िंदगी जो मिल गईं हमें !
मैं याद करूँ दिल से हो जाये मुमकिन आपसे मिल पाना। मैं याद करूँ दिल से हो जाये मुमकिन आपसे मिल पाना।