STORYMIRROR

सोनी गुप्ता

Abstract Romance Inspirational

4  

सोनी गुप्ता

Abstract Romance Inspirational

बीती यादें

बीती यादें

1 min
227

कुछ यादें ऐसी जो मिटाकर भी कभी नहीं मिटती हैं, 

थोड़ी -थोड़ी सी ये यादें धुंधली सी जरूर पड़ जाती हैं, 


पर कुछ कड़वी कुछ खट्टी यादें फिर भी रह जाती हैं, 

जो रह -रह कर बस हमें बीती हुई बातें याद दिलाती हैं, 


कई बार भूलना चाहा पर वो यादें हमसे दूर न जाती हैं, 

जाने कितने जख्म दे जाते जिनको भरना आसान नहीं, 


कुछ यादें ऐसी हैं जो मिटा कर भी कभी नहीं मिटती हैं, 

मुट्ठी से रेत की तरह फिसलती है पर वहीं रह जाती हैं, 


कई बार जब भी मन में दुखों का गुबार सा भर जाता है, 

वह यादें हमसे कोसों दूर रहकर भी हमको तड़पाती हैं।


రచనకు రేటింగ్ ఇవ్వండి
లాగిన్

Similar hindi poem from Abstract