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kacha jagdish

Tragedy

3  

kacha jagdish

Tragedy

नायक या नालायक

नायक या नालायक

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आजकल नायक बन बैठे हैं कई लोग

पढ़े तो कुछ नहीं, 

पढ़ाने बैठ गये हैं कुछ लोग 

क्या पता आगे चलना है, 

या

आगे रहना शौक है उनका

कुछ करते तो है नहीं 

जिंदगी में 

और लोगों को जिंदगी की राह दिखाते है

खुद की जिंदगी का मकसद तो पता होता नहीं

आपको जिंदगी की राह दिखाएंगे

पता नहीं क्यों है ये

कुछ करते तो है नहीं

उल्टा आपको आपकी गलती गिनवाएंगे

आजकल हर कोई नायक बन बैठे है । 


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