STORYMIRROR

Alka Ranjan

Tragedy

4  

Alka Ranjan

Tragedy

वो मनुष्य नहीं

वो मनुष्य नहीं

1 min
302

लोगों को व्यक्ति की सफलता दिखती है,

पर उसके पीछे का संघर्ष नहीं।

पूजा पाठ में चढ़ाया गया भोग नैवेद्य आदि दिखता है

परंतु भगवान के लिए भाव भक्ति नहीं ।

मां की डांट,पापा की नसीहत दिखती है

पर उसके पीछे उनका प्यार नहीं।

किसी भी साक्षात्कार में डिग्री दिखती है

पर ज्ञान कितना है वो नहीं ।

सोशल मीडिया में तस्वीर पे लाइक्स कॉमेंट्स दिखता है

पर असल जिंदगी में कितने है खुश है, ये नहीं ।

मित्र,सगे संबंधी तोहफा क्या दे रहे हैं,

महंगा है या सस्ता,ये दिखता है

पर उसके पीछे उनका भाव दिखता नहीं।

अच्छे कपड़े ,अच्छा रहन सहन दिखता है

पर संस्कार का अभाव दिखता नहीं ।

जो आसानी से दिख जाए वो पूरा सत्य नहीं,

जो सकारात्मकता छोड़ नकारात्मकता देखे वो मनुष्य नहीं ।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy