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Alka Ranjan

Romance

4  

Alka Ranjan

Romance

प्यार तेरा मेरा

प्यार तेरा मेरा

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वो मुझे प्यार से देखते रह गए।

मैं उन्हें प्यार से देखता रह गया।


साथ में एक दूजे के चलते रहे।

बात मुमकिन थी जो उनसे करते रहे।


मंजिलें साथ थीं पर भटकते रहे।

चाहतें दिल की दिल में ही रखते रहे।


ना ही मैंने कहा ना उन्होंने कहा।

प्यार किसने किया सोचते रह गए।


वो मुझे प्यार से देखते रह गए।

मैं उन्हें प्यार से देखता रह गया।।


उनके आने पे हिम्मत जुटाते रहे।

जो भी कहना था साहस बनाते रहे।


पर कहीं एकतरफा न इजहार हो।

बस यही सोच दिल आजमाते रहे।


रुसवा न हो जाए प्यार कहीं

थोड़ा मैं थोड़ी वो घबराते रहे।


लब्ज एहसास को ना बयां कर सका।

क्या प्यार उनको भी है ये सोचता रह गया।


वो मुझे प्यार से देखते रह गए।

मैं उन्हें प्यार से देखता रह गया।।


साथ थे बात थी एक नई आस थी।

प्यार की एक अद्भुत सी तकरार थी।


एक एहसास था क्या यही प्यार था?

सब समझते हुए सबसे अंजान था।


राज हमराज दिल का न हो सका।

प्यार किसने किया सोचते रह गए।


वो मुझे प्यार से देखते रह गए।

मैं उन्हें प्यार से देखता रह गया।।

       


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