STORYMIRROR

kacha jagdish

Tragedy

3  

kacha jagdish

Tragedy

गलत किया

गलत किया

1 min
10

सबने कभी ना कभी गलत किया

दुनिया है यहाँ कोई दूध का धूला नहीं 


ढोल बजाते है हम हमारी सच्चाई का

क्या हमने कभी झूठ बोला नही


बाधते है तारीफों के पूल

क्या हम से बेहतर कोई नही


खबरे है दुनिया भर की

क्या सच सूनकर बेहरे हुए नही।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy