STORYMIRROR

kacha jagdish

Thriller

3  

kacha jagdish

Thriller

कहानियों का साल

कहानियों का साल

1 min
153

हर दिन लिखा एक अध्याय,

कभी खुशी, कभी ग़म का है समाय।

किस्सों ने दिल को छुआ,

जीवन ने हर मोड़ पर कुछ नया दिया।


साल की कहानियाँ, जोड़ी एक माला,

हर पल में छुपा था जीवन का मेला।

ये साल भले ही बीत गया,

पर उसकी कहानी बस अमर हो जाये।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Thriller