Hurry up! before its gone. Grab the BESTSELLERS now.
Hurry up! before its gone. Grab the BESTSELLERS now.

Shashikant Shandile

Drama Romance


2  

Shashikant Shandile

Drama Romance


न होना कभी जुदा

न होना कभी जुदा

1 min 7.1K 1 min 7.1K

चाहत मेरी

बेगानी मुहब्बत

मेरी आशिकी

तुम्हारी इबादत

न होना कभी जुदा

 

न चाहो मुझे

ये तुम्हारी है मर्जी

मेरी दिल्लगी

है मेरी खुदगर्जी

न होना कभी जुदा

 

मंजिल नही

होने पाएं जुदाई

हो जाएं भले

जिंदगी की बिदाई

न होना कभी जुदा

 

तुम्हे क्या पता

क्या चाहत है मेरी

तुम्हे चाहना

ये आदत है मेरी

न होना कभी जुदा

 

भुला दो मुझे

या अपना बना लो

दो चार पल

हँस कर बिता लो

न होना कभी जुदा !

******************

शशिकांत शांडिले (एकांत), नागपुर

मो.९९७५९९५४५०


Rate this content
Log in

More hindi poem from Shashikant Shandile

Similar hindi poem from Drama