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Antariksha Saha

Classics Fantasy Inspirational

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Antariksha Saha

Classics Fantasy Inspirational

मूरत

मूरत

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सोचो मूरत की सूरत ना होती 
तोह हम किसे पूजते 
सोचो कभी मरने के बाद 
कोई ना हो कुछ ना हो 
तोह हम किसे पूछते 
ईश्वर तुम्हारा डर नहीं 
प्यार मांगता है 
नाम जप नहीं 
तुम्हारे सोच मे आचरण मे 
उसका प्रतिबिम्ब मांगता है 


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