STORYMIRROR

Antariksha Saha

Classics Fantasy Inspirational

3  

Antariksha Saha

Classics Fantasy Inspirational

मूरत

मूरत

1 min
14

सोचो मूरत की सूरत ना होती 
तोह हम किसे पूजते 
सोचो कभी मरने के बाद 
कोई ना हो कुछ ना हो 
तोह हम किसे पूछते 
ईश्वर तुम्हारा डर नहीं 
प्यार मांगता है 
नाम जप नहीं 
तुम्हारे सोच मे आचरण मे 
उसका प्रतिबिम्ब मांगता है 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics