Antariksha Saha
Tragedy Action Classics
घाव कुछ गहरे थे नज़र उठाई तोह चेहरे सिर्फ आपने थे गैरों मे वह बात कहाँ अपनों को जो दिल ने सहा
मूरत
घाव कुछ गहरे ...
ख़ामोशी
मजदूर
झूठी मुस्कान
लक्ष्य
फ़ोन नंबर
मीठी चासनी
घर
angrayian
गर लोगों के लिए मां की इज्जत न करो कितनी भी कामयाबी पा लो सब व्यर्थ है गर लोगों के लिए मां की इज्जत न करो कितनी भी कामयाबी पा लो सब व्यर्थ है
ए नादान क्या जानता नहीं तू, यही तो है मेरा दस्तूर। ए नादान क्या जानता नहीं तू, यही तो है मेरा दस्तूर।
ये जो तुम्हें दिखते हैं जिंदा ये सब लाशें हैं चलती फिरती। ये जो तुम्हें दिखते हैं जिंदा ये सब लाशें हैं चलती फिरती।
ठीक वैसे ही जैसे बड़े शहरों में मकान हैं कि मिलते ही नहीं ठीक वैसे ही जैसे बड़े शहरों में मकान हैं कि मिलते ही नहीं
हम पक्षियों के लिए मौत के अदृश्य जाल लगातार फैलते जा रहे हैं, हम पक्षियों के लिए मौत के अदृश्य जाल लगातार फैलते जा रहे हैं,
नौकरी के चक्कर में इंसान फिरता है मारा-मारा। नौकरी के चक्कर में इंसान फिरता है मारा-मारा।
न शिक्षा, न तन पर वस्त्र पूरे, न भोजन भरपेट, अस्वच्छ स्थान, न शिक्षा, न तन पर वस्त्र पूरे, न भोजन भरपेट, अस्वच्छ स्थान,
अब वो वटवृक्ष न कभी खड़ा होगा न शीतल हवा देगा। अब वो वटवृक्ष न कभी खड़ा होगा न शीतल हवा देगा।
रह जाएगा पृथ्वी पर सिर्फ स्वार्थियों का साया है दिल है, दिमाग है रह जाएगा पृथ्वी पर सिर्फ स्वार्थियों का साया है दिल है, दिमाग है
मेरा एक मित्र बाहर जा रहा था , अमेरिकन डॉलर उसे बहुत लुभा रहा था। मेरा एक मित्र बाहर जा रहा था , अमेरिकन डॉलर उसे बहुत लुभा रहा था।
बिक गया कितनी आँखों का पानी भी थोड़ा थोड़ा मेरा हिंदुस्तान बिक रहा है। बिक गया कितनी आँखों का पानी भी थोड़ा थोड़ा मेरा हिंदुस्तान बिक रहा है।
सन् सत्तावन झाँसी का युद्ध जो केन्द्र बना स्वतंत्रता संग्राम का। सन् सत्तावन झाँसी का युद्ध जो केन्द्र बना स्वतंत्रता संग्राम का।
अचानक ही यूँ बिखर गए मेरे अरमां और आज मेरे आँसू इस कदर बह रहे हैं अचानक ही यूँ बिखर गए मेरे अरमां और आज मेरे आँसू इस कदर बह रहे हैं
पाखंड का शिकार तो व्यक्ति सबसे पहले अपने घर पर ही बन जाता है पाखंड का शिकार तो व्यक्ति सबसे पहले अपने घर पर ही बन जाता है
क्या आयेगी , कैसे आएगी नींद तुम्हें? बर्बर बन जीवन को सौंप रहे हो मौत के हाथ! क्या आयेगी , कैसे आएगी नींद तुम्हें? बर्बर बन जीवन को सौंप रहे हो मौत क...
सड़कों पर चीरहरण होता है बेटियों का मरण होता है। सड़कों पर चीरहरण होता है बेटियों का मरण होता है।
चलता रहा ऊंचे नीचे डगर में बस घर वापसी की सुध लगाई चलता रहा ऊंचे नीचे डगर में बस घर वापसी की सुध लगाई
हम भी तो तेरे बाग के पंछी, क्या परवाज करायेगा हम भी तो तेरे बाग के पंछी, क्या परवाज करायेगा
सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2014 में अहम फैसला दिया। ट्रांसजेंडर को तीसरे लिंग के रूप में। सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2014 में अहम फैसला दिया। ट्रांसजेंडर को तीसरे लिंग के...
यह भूभाग है जहां आज भी समता युद्ध जारी है। यह भूभाग है जहां आज भी समता युद्ध जारी है।