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LALIT MOHAN DASH

Abstract Classics Inspirational

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LALIT MOHAN DASH

Abstract Classics Inspirational

ओ मेरे सनम

ओ मेरे सनम

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ओ मेरे सनम !

मेरे दिल की धड़कन 

ना मत करना तू

तुझे मेरी कसम

आ खेलेंगे हम होली


प्यार की रंग में 

रंग दे तू मुझको

हर दिन लगे 

होली और दीवाली


ये उम्र भी क्या है ?

सिर्फ एक सोच है यारों

तन का उम्र है पर

मन का कोई उम्र नहीं है


मन में गर प्यार है तो

हर उम्र में लगेगा हमें

अभी अभी हम 

जवां हुए हैं

हममें आई है नई जवानी

हम है नटखट

कृष्णकन्हैया सनम

तुम हो राधारानी


तो मेरे सनम 

मेरे दिल की धड़कन

रंग लेकर 

आ तू मेरी जान

जी भर कर आज 

खेलेंगे हम होली

प्यार के रंग में 

रंगीन कर देंगें हम सारे संसार।


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