STORYMIRROR

Pinky Dubey

Abstract Classics

4  

Pinky Dubey

Abstract Classics

होली आई होली आई

होली आई होली आई

1 min
410

होली आई होली आई

रंग बिरंगे रंग अपने साथ लेके आई

पिचकारी मे पानी बरकर आई


होली आई होली आई

आओ खेले हम होली गुलाल के साथ

छोटे बड़े सबको लगाए रंग

खेले हम प्यार की होली


अपनों के संग

आओ हम गिले सिकवे मिटाए

ओर खेले हम होली

चलो लगाए हम रंग


रंग बिरंगे शक्लों में हम लग रहे है कूल

आओ पिए हम बंग और लगाए सबको रंग

आई रे आई होली आई।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract