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Deepti Tiwari

Abstract Classics Inspirational

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Deepti Tiwari

Abstract Classics Inspirational

हौसला

हौसला

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नन्हें परिंदे के हौसले तो देखो।

पंख अभी खुले भी नहीं उड़ान के जज़्बात तो देखो।।

मां के न रहने पर कितनी ही बार कोशिश जारी रखी।

उड़ कर बाहर का जायज़ा भी ले लेता।।


मां की चिंता बढ़ गई।

कहा संभल कर रहना तुम ।।

दुश्मन की नजर रहती हमेशा हम पर हैं।

खो न जाना खूबसूरत नजारों को देखकर तुम।।

ऊंचाई पर रखना नज़र हमेशा ।

अक्सर दुश्मन पीछे से वार करते हैं।।


सीख जाना और हौसला बढ़ाना।

कभी भयभीत न होना तुम।।

अंधकार में या हों तूफान।

तेज गति से उड़ना तुम।।

कुछ भी हो जाए हौसला न छोड़ना तुम।

बस तेज गति से उड़ना तुम।।


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