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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama Romance

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Drama Romance

मुरादों की वजीरात

मुरादों की वजीरात

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तेरे चले जाने के बाद मैं बहुत मायूस बन गया हूँ ,

आज तुझे सामने देखकर मैं हैरत में पड गया हूँ ।


तेरी मुलाकात से मैं दिल से अति रोमांचित हुआ हूँ ,

तेरे नयनो में मेरी तस्वीर देखकर मैं मस्ताना बना हूँ ।


तेरे वापस आने से दिल का मैखाना खोल रहा हूँ ।

मेरे दिल में इश्क का शोर मैं महसूस कर रहा हूँ ।


तेरे लिये जो नफरत थी उसे मैं आज मिटा रहा हूँ,

मेरे इश्क के समंदर में तुझे मैं लहराना चाहता हूँ ।


आज मुरादों की वजीरात मैं तुझको पेश कर रहा हूँ ,

तुझे मेरी इश्क की मल्लिका मैं बनाना चाहता हूँ ।


मेरी इश्क की तन्हाईयांँ को मैं आज जला रहा हूँ ,

"मुरली" तेरी बांहों में सारा जहांँ मैं भूल रहा हूँ ।



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