मुरादों की वजीरात
मुरादों की वजीरात
तेरे चले जाने के बाद मैं बहुत मायूस बन गया हूँ ,
आज तुझे सामने देखकर मैं हैरत में पड गया हूँ ।
तेरी मुलाकात से मैं दिल से अति रोमांचित हुआ हूँ ,
तेरे नयनो में मेरी तस्वीर देखकर मैं मस्ताना बना हूँ ।
तेरे वापस आने से दिल का मैखाना खोल रहा हूँ ।
मेरे दिल में इश्क का शोर मैं महसूस कर रहा हूँ ।
तेरे लिये जो नफरत थी उसे मैं आज मिटा रहा हूँ,
मेरे इश्क के समंदर में तुझे मैं लहराना चाहता हूँ ।
आज मुरादों की वजीरात मैं तुझको पेश कर रहा हूँ ,
तुझे मेरी इश्क की मल्लिका मैं बनाना चाहता हूँ ।
मेरी इश्क की तन्हाईयांँ को मैं आज जला रहा हूँ ,
"मुरली" तेरी बांहों में सारा जहांँ मैं भूल रहा हूँ ।

