मुद्दे उठाए जाते हैं
मुद्दे उठाए जाते हैं


मेरे देश में,
मुद्दे उठाए जाते हैं।
जिंदगी के सल सच से,
लोगों के ध्यान हटाए जाते हैं।
घटना को
घटना होने के बाद
देकर दूसरा ही रुख।
असल घटनाओं पर,
पर्दे गिराए जाते हैं।
मेरे देश में मुद्दे उठाए जाते हैं।
जिंदगी किन,
हालातों में बसर करती है।
पंचवर्षीय सरकारों में
अमीर- गरीब के मापदंडों में,
मध्यवर्ग को
बस वायदे ही थमाए जाते हैं।
मेरे देश में
मुद्दे उठाए जाते हैं।
जागे.....असल पहचानिए।
जो कानों को, सुनाया जाता है।
आंखों को दिखाया जाता है।
दो रोटी कमाने के लिए,
हम और आप
कितनी लड़ाई लड़ते हैं।
हमें मुद्दों में,
कितना बहलाया जा रहा है।