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Abasaheb Mhaske

Tragedy

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Abasaheb Mhaske

Tragedy

मुबारक हो सबको, अच्छे दिन यार

मुबारक हो सबको, अच्छे दिन यार

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बढ़ती हैं महंगाई ? बढ़ने दो 

लड़ते हैं आपस में ? लड़ने दो 

शुक्रिया जी बहोत- बहोत कहते रहो 

देशहित सबकुछ सहते रहो शेर पाला हैं ना 

मुबारक हो सबको, अच्छे दिन यार 


नहीं चाहिए रोटी कपडा मकान 

नहीं चाहिए रोजगार न कोई कारोबार 

हम रोजगार देनेवाले हैं सुकून की जिंदगी 

सवाल मत पूछो , बवाल मत करो 

मुबारक हो सबको, अच्छे दिन यार 


विश्वगुरु बनते बनते कहा आ गए हम 

इस देश में रहना हैं तो बिलकुल खामोश 

सुधर जावो वरना कुछ ईथर जावो कुछ उधर 

जी रहे ना कैसे भी वो क्या कम हैं ? 

मुबारक हो सबको, अच्छे दिन यार 


होने दो जो होना हैं , हमें क्या लेना देना है ? 

हम दो जियेंगे भाई कीड़े मकोड़े की तरह

भाड़ में जाये जनता , काम अपना बनता 

कुछ भी हो आखिर हम ही तो हैं बेमिसाल 

 मुबारक हो सबको, अच्छे दिन यार।


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