मुबारक हो सबको, अच्छे दिन यार
मुबारक हो सबको, अच्छे दिन यार
बढ़ती हैं महंगाई ? बढ़ने दो
लड़ते हैं आपस में ? लड़ने दो
शुक्रिया जी बहोत- बहोत कहते रहो
देशहित सबकुछ सहते रहो शेर पाला हैं ना
मुबारक हो सबको, अच्छे दिन यार
नहीं चाहिए रोटी कपडा मकान
नहीं चाहिए रोजगार न कोई कारोबार
हम रोजगार देनेवाले हैं सुकून की जिंदगी
सवाल मत पूछो , बवाल मत करो
मुबारक हो सबको, अच्छे दिन यार
विश्वगुरु बनते बनते कहा आ गए हम
इस देश में रहना हैं तो बिलकुल खामोश
सुधर जावो वरना कुछ ईथर जावो कुछ उधर
जी रहे ना कैसे भी वो क्या कम हैं ?
मुबारक हो सबको, अच्छे दिन यार
होने दो जो होना हैं , हमें क्या लेना देना है ?
हम दो जियेंगे भाई कीड़े मकोड़े की तरह
भाड़ में जाये जनता , काम अपना बनता
कुछ भी हो आखिर हम ही तो हैं बेमिसाल
मुबारक हो सबको, अच्छे दिन यार।
