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Brijlala Rohanअन्वेषी

Action Classics Inspirational

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Brijlala Rohanअन्वेषी

Action Classics Inspirational

मत कहो

मत कहो

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मत कहो, 

तुम थक गए हो 

रूक गए हो, चुक गए हो 

हार गए हो, रार गए हो 

तुम केवल मान कर बैठै हो !


तुमने न कभी हारा था, न हारा है

और न हारोगे 

बस तुने मेहनत करना छोड़ दिया है।

तुझे झुकना नहीं है, रूकना नहीं है 

बढ़ते चलते जाना है

वहाँ जहाँ अपरिमित नील- गगन है।


जहाँ उम्मीदों की आश में खड़ा चितवन है।

जहाँ हौसलों का मुस्कुरात नंदन - वन है।

मत करो तुम चुक गए हो, रूक गए हो।

तु और शक्तिम बन और कर दिखाओ

ऐसे कि दुनिया करना चाहे आपके जैसा।


तू सदा निरंतर अपने धुन में रमता जा,

प्रगति के पथ पर तु नेपथ्य से अनंत तक बढ़ता जा 

मत कहो की तुम हार गए हो, रार गए हो ।

तू मेहनत का दामन थाम और बढ़े चल ! बढ़े चल !


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