STORYMIRROR

Kuldeep kaushik

Romance

3  

Kuldeep kaushik

Romance

मोहब्बत लुटानी है

मोहब्बत लुटानी है

1 min
15

लग जाने दो मेरे होंठों को, बदन से तुम्हारे,

कि मुहब्बत तुम पे लुटानी है!!

मिट जाने दो फासले, हमारे चाहत के,

कि मुहब्बत तुम पे लुटानी है!!

ये नाजुक कमर, ये आसमान के तारे,

बस जाओ मेरी रूह में, देखेंगे ये सारे,

जिंदगी में हमेशा के लिये हो, और तुमसे ही जिंदगानी है!!

भर लो बस अब बांहों में,

कि मुहब्बत तुम पे लुटानी है!


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance