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Kuldeep kaushik

Romance

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Kuldeep kaushik

Romance

लोरी सुनाने दो जरा

लोरी सुनाने दो जरा

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बताने को दिल बेकरार है जो, वो बताने दो ज़रा!

मेरी प्यारी परी को, फिर से लोरी, सुनाने दो ज़रा!!

रखेंगे उन्हें अपनी जान बनाकर, यकिंन दिलाने दो जरा!

अपने आशियाने में बना दूं एक आसमां, उन्हें पंख फैलाने दो जरा!!

उनकी गहरी आंखों में खो जाऊं, बांहों में भर के उन्हें, सो जाऊं,

चांद जले या फूल जलें उनकी दिलकशी से, जी भर जलाने दो जरा!!

बस मेरी प्यारी परी को, फिर से एक लोरी, सुनाने दो ज़रा! -दीप 


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