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yashoda nishad

Romance

4  

yashoda nishad

Romance

ना जाने जिंदगी में

ना जाने जिंदगी में

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ना जाने क्यूं जिंदगी में ऐसा होता है किसी 

एक के चले जाने से जिंदगी इतनी अधूरी सी ना जाने जिंदगी में

क्यूं लगती है,  


कभी कभी ऐसा लगता हैं जैसे हमसे ही कोई

गलती हुई थी, कि हमने अपनी जिंदगी में उसको

इतनी जगह दी जितनी आज तक किसी

को नहीं दी,  


जब कोई लाइफ में आता है तो जिंदगी कैसे

संवर सी जाती है, आज जब वो गया है तो 

जिंदगी बिखर सी गई है,


कभी कभी सोचते हैं कि ये यादें होती ही क्यूं है,  

क्या इसलिए कि हम उसकी यादों के साये में

पल पल मरते रहे, या फिर इसलिए उसकी यादों

के सहारे ही सही पर जीने की कोई तो वजह मिले,  


ना जाने क्यूं जिंदगी में ऐसा होता है किसी

एक के चले जाने से जिंदगी इतनी अधूरी सी 

क्यूं लगती हैं। 


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