STORYMIRROR

Dr. Tulika Das

Classics Inspirational

4  

Dr. Tulika Das

Classics Inspirational

मेरी मां

मेरी मां

1 min
374

चेहरा जिसको देख कर मेरी सुबह खूबसूरत हो जाती है

 मुस्कुराहट जिसकी देखकर मैं सुकून से भर जाती हूं 


जिसकी गोद में सर रखकर मेरी सारी चिंताएं सो जाती है

जिसके हाथों की छुअन से मेरी तकलीफ दूर हो जाती है


एक निवाला मां के हाथ से भुख सारी मिटा देता है

मां के हाथों का स्वाद कहा कोई भूल पाता है ।


बदलने लगते है जब हालात जिंदगी के 

देने लगती है दस्तक चुनौतीयां जब


मिलता है तब हौसला मां से मुझे

आवाज उनकी बन जाती है पुकार जिंदगी की।

बस यही तो है मेरी मां


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics