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Kanchan Prabha

Classics Fantasy Children

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Kanchan Prabha

Classics Fantasy Children

मेरी बिटिया

मेरी बिटिया

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लाड्ली बेटी मेरी

जब इस धरती पर आई

मिली मुझे प्यारी संगी

मेरे पल हुए सतरंगी

उसे पढ़ाना है बहुत

आगे बढ़ाना है बहुत


बेटियाँ खुशियाँ लाती है

पर किसी किसी को भाती है

घर वो स्वर्ग से सुन्दर है

जिस घर में बेटियाँ आती है

उसे पढ़ाना है बहुत

आगे बढ़ाना है बहुत


मेरे दिल का टुकड़ा है

मेरे आँखों का नूर है

मुझे जान से प्यारी है

मेरे कुल का गुरुर है

उसे पढ़ाना है बहुत

आगे बढ़ाना है बहुत।


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