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Kanchan Prabha

Classics Fantasy Children


4.9  

Kanchan Prabha

Classics Fantasy Children


मेरी बिटिया

मेरी बिटिया

1 min 256 1 min 256

लाड्ली बेटी मेरी

जब इस धरती पर आई

मिली मुझे प्यारी संगी

मेरे पल हुए सतरंगी

उसे पढ़ाना है बहुत

आगे बढ़ाना है बहुत


बेटियाँ खुशियाँ लाती है

पर किसी किसी को भाती है

घर वो स्वर्ग से सुन्दर है

जिस घर में बेटियाँ आती है

उसे पढ़ाना है बहुत

आगे बढ़ाना है बहुत


मेरे दिल का टुकड़ा है

मेरे आँखों का नूर है

मुझे जान से प्यारी है

मेरे कुल का गुरुर है

उसे पढ़ाना है बहुत

आगे बढ़ाना है बहुत।


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