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Tanmay Mehra

Romance

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Tanmay Mehra

Romance

मेरा जीवन समर्पित तुझको

मेरा जीवन समर्पित तुझको

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माना कि मैं इक खुबसूरत

किताब भी नहीं हूँ 

तुम मुझे रद्दी समझ कर

ही आस पास रख देना

पड़ा रहूँगा निस्वार्थ ही मैं

तुम्हारे दिल के किसी कोने में


झाड़ के धूल कभी अपने हाथों से

कुछ पन्नों को पलट देना 

मिल जायेगें तुम्हें तब कुछ अंश

मेरी यादों के उस किताब में

करना महसूस मुझे और मेरी

याद में इक आँसू गिरा देना

उस किताब में दर्ज होगी मेरी

मुहब्बत की कुछ कहानियाँ 


थोड़ी सी फ़ुरसत निकाल वो

कहानी अपने दिल को सुना देना

होंगी मुझ में ही कुछ कमियाँ

इंसान जो ठहरा 

पर दो चार ही सही कुछ

ख़ूबियाँ मेरी भी गिना देना


तुमने पूछा था कभी क्यो करते

हो इतना प्यार मुझ से ?

उस यादों की किताब में ढूंढ

कर वो जवाब खुद को दिखा देना

मैं जीवन सारा खुद का अब

कर रहा हूँ समर्पित तुझ को

दूर रह कर ही सही तुम इस

सफर का साथ निभा देना


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