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Chhabiram YADAV

Tragedy

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Chhabiram YADAV

Tragedy

मेरा भारत

मेरा भारत

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इतनी भी क्या जल्दी है

अभी रुको देखो

भारत मेरा जो महान था

सामर्थ्यवान बन गया


विश्व में पहचान है

यहाँ के लोग अमीर है

जो जितना बेईमान था

यहाँ रिश्वतखोरी, लूट की

रोज नई परिभाषा बनती है


सरकार भी कोई हो चाहे

सदा अपनों की हिफाजत 

तत्पर हर पल रहती है

तभी तो भारत के जननायक

गुमनाम जिंदगी में मर जाते हैं


सारे चोर उच्चके देखो 

लाल किले पर दिख जाते है

सदियो से भर को इसी बात 

का होता गुणगान है


अर्थब्यवस्था भारत की

हर रोज बढ रही है

निवालों से फिर एक 

बच्चे की मौत हो रही है।


कर्ज से किसान यहाँ 

फंदे पर झूल रहे है

बिन खाये सोती कुछ 

जनता ये भी भूल रहे हैं।


हमारे ही दम पर देखो

पहन लिए जो ताज है

देश की बदहाली पर 

शायद उनको क्या लाज है


दाँत निकाले फिर ओ 

बरसाती मेठक बनकर

कैसे आएंगे

भारत को समृद्ध बनाने की 

मिथक कसम खा जायेंगे। 


उनसे क्या उम्मीद करोगे 

अपने हक़ की रखवाली का

कल कोई और बैंक से

हमारी ही मेहनत को

लूट कर भाग जाएंगे।


फिर जाँच कमेटी बना दी जायेगी

जब तक सरकार रहेगी

 रिपोर्ट तैयार होने का

 बयान दिया जाएगा 


फिर नई सरकार आयेगी

हिंदुस्तान की गाथा

यहाँ की जनता 

दोनों को बदलना आसान है

तभी तो सरकारी कागज में 

सिर्फ होता भारत महान है।


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