STORYMIRROR

Neha Pandey

Thriller

4  

Neha Pandey

Thriller

मौत से जंग

मौत से जंग

1 min
262

सवाल जिदंगी ने किया है

जवाब मौत दे रही है

हवाओं में ज़हर घुल गया है

अजीब सी घुटन हो रही है।


खौफ़नाक मंज़र है

लाशें लावारिश सी पड़ी हैं

शमशान भी रो पड़ा है

कभी लाशें न यूं जली हैं।


लापरवाह हुई है दुनियां

सजा उसी कि मिल रही है

वक्त अब भी है

दरवाजे बन्द कर लो अपने

वरना चौखट मे तेरे भी

दस्तक सी हो रही है।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Thriller