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Shraddhanjali Shukla

Drama

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Shraddhanjali Shukla

Drama

मौसम

मौसम

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मौसम हुआ, खामोश सा

इंसान है, मदहोस सा


लाई घटा, वीरानगी

हर ओर है, आवारगी


आगाज है, ये कौन सा

संसार भी, है मौन सा


 मौसम हुआ, बेहाल तो

आकर रहे, अकाल वो।


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