STORYMIRROR

मानसिंह मातासर

Classics Others Children

4  

मानसिंह मातासर

Classics Others Children

मौसम सर्दी का

मौसम सर्दी का

1 min
269

सर सर करती आयी सर्दी,

ठंड गजब की लायी सर्दी।

थर थर देखो काया काँपे,

सबके मन को भायी सर्दी।


गर्म-गर्म खाने की चाहत,

खीर जलेबी सबको भाते।

दाल कचौरी गर्म समोसा,

सुबह सवेरे ठंड उड़ाते।


दिन तो छोटा होता जाता,

दक्षिण दिशा से ढल जाता।

ठंडी छाया शरीर धुजाती,

सूरज वाली धूप सुहाती ।


ऊनी कपड़े लगते अच्छे,

टोपी मफलर पहनते बच्चे।

देख नजारा इस मौसम का,

दिल हर्षाता सब जन का।।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Classics