STORYMIRROR

Kawaljeet GILL

Abstract Classics

4  

Kawaljeet GILL

Abstract Classics

विश्वास की डोर

विश्वास की डोर

1 min
477

अपने सिवा ना किसी और को पाओगे तुम हमारे दिल में,

हमारे दिल हमारी हर धड़कन पर नाम तुमारा है,

भूले से भी जो ऐतबार हम पर ना करोगे तुम,

तो हर पल खुद ही रोओगे और पछ्ताओगे तुम,


जिंदगी की राहों पर चलते चलते

विश्वास की डोर कभी ना तुम टूटने देना,

विश्वास ही वो मंत्र है जो जिंदगी के सफर को

हसीन और हसीन बनाता है,


जब तक विश्वास जिंदगी में करोगे अपनों पर

तुम्रेहा चेहरे की खुशी बनी रहेगी,

जिस दिन विश्वास की डोर टूट जाएगी

खुशियाँ भी दामन छुड़ाकर चल देगी,


कभी भी किसी को दिल में बसाकर

उसका दिल ना तोड़ना ये सब कहते है,

किसी का विश्वास हासिल करना बहुत मुश्किल होता है

ये जो टूटा तो फिर ना पा सकोगे,


जरा संभालकर प्यार की राहों पर विश्वास की

डोर को बांधे रखना ये कच्ची होती है,

कितने भी हो मजबूत रिश्ते शक की दीवार

इनको तोड़ने में पल भर का वक्त लेती है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract