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Minal Patawari

Abstract Classics Inspirational

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Minal Patawari

Abstract Classics Inspirational

एक सलाम, गृहणी के नाम

एक सलाम, गृहणी के नाम

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ये भारतीय नारी है

हर 'करोना' पर भारी है।


हर सीमा पर चौकस है ये , चाहे नर्स की वेशभूषा में

चाहे पहने वो खाकी है।

और गृहणी की क्या कहे हम 

उससे तो मुस्कराया परिवार बाकी है।


मां दुर्गा के जैसे सशक्त वो तनी है

जब किसी मुश्किल से उसकी ठनी है।

तो मुश्किल है कि कोई मुश्किल टिक पाए 

तभी तो कहलाती वो जननी है।


वो जुटी है तत्परता से हर पहर 

रोक लगी, आने दो कोई कहर। 

चलो कुछ "ताली" उसके नाम कर दें

चलो आज उसको भी "सलाम" कर दें।


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