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Jyotshna Rani Sahoo

Romance Classics

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Jyotshna Rani Sahoo

Romance Classics

मिलने से पहले बिछड़ना था

मिलने से पहले बिछड़ना था

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तुम्हे जाना था उस छोर

और मैं नहीं छोड़ सकती थी

अपनों के डोर

ना तुम रुक सकते थे

और ना मुझे झुकना था

मिलने से पहले ही

हमारा बिछड़ना तय था।


तुम अपने जिद में अड़े थे

पर प्यार बेइंतेहा है

दावा भी कर रहे थे

मेरे होने से सुकून

ना होने से बैचेनी

ये सब ही तो प्यार के सबूत थे

तुम्हे बस सबूत दिखलाना था

पर मिलने से पहले ही

हमारा बिछड़ना तय था।


बस प्यार करना बड़ी बात नहीं

वो तो हो जाता है

कुछ कमियां मुझमें थी

और कुछ खामियां तुझमें

लेकिन सब को दूर करके

बस प्यार निभाना था

पर मिलने से पहले ही

हमारा बिछड़ना तय था।


ये जिंदगी तो एक उलझन है

अच्छे अच्छे फस जातें हैं

सारी उलझन सुलझा कर

कठिनाइयों को पार करके

हमे प्यार की ताकत दिखाना था

पर मिलने से पहले ही

हमारा बिछड़ना तय था।


नसीब को कोसी बहुत

अरे हमारा फूटी किस्मत

दिल मिलने के बाबजूद

क्यूं इतनी दूरियां था

पर हमे उस किस्मत से लड़ना था

पर मिलने से पहले

हमारा बिछड़ना तय था।


हम बहाना बनाते रहे

और वो बहाना प्यार में हाबी हुए

तेरे मेरे दरमियान जो दूरियां थे

उसे बेपनाह इश्क़ से कम करना था

पर मिलने से पहले

हमारा बिछड़ना तय था।


चाहे कुछ भी हो जाए

हमे तो बस प्यार निभाना था

गर प्यार किए थे तो

उसे इबादत बनाना था

पर मिलने से पहले

हमारा बिछड़ना तय था।


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