STORYMIRROR

मानसिंह मातासर

Inspirational Others

4  

मानसिंह मातासर

Inspirational Others

ख़्वाब

ख़्वाब

1 min
251

भूल जाएं हम अगर 

नींद रातों की

बेमौसमी बयार

बातों की

औपचारिकताएं

मुलाकातों की

मंजिल की राह में मिली

पीड़ा मातों की

और परवाह

भरमाते चक्रवातों की,


और कर लें साथ

बहती धाराओं का

जलती शमाओं का

बरसती बरखाओं का

आलोकित आभाओं का


और ठान लें मन में

कुछ करने की

उड़ान भरने की

आसमां छूने की

तो सच में जनाब,

सच होते हैं ख़्वाब ।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational