STORYMIRROR

अनूप बसर

Romance Others

3  

अनूप बसर

Romance Others

"मैं तुम्हारी"

"मैं तुम्हारी"

1 min
322

सुहागन जोड़े में सजी हूँ

पिया मैं सिर्फ तुम्हारी हूँ

ये मांग में सिंदूर

गले में मंगलसूत्र

सिर्फ तुम्हारे लिए है।


माथे पर बिंदी

आंखों में काजल

कान में झुमके

सब हैं सिर्फ

तुम्हारे मन के।


लाली जो लगी है

तुमको ही देख रही है

नज़रें जो शरमाई हैं

तुमको ही फरमायीं हैं।


खुली जुल्फें 

तूम को इठला रहीं हैं

ये सिर्फ अपने प्यार को

पुकार रहीं हैं।


लाल साड़ी 

तुम्हारे सिन्दूर की निशानी

इन आँखों में प्यार

तुम्हारे इश्क की नादानी।


अब इक बार देखो तो

हमको जी भर के भी

हम कबसे राह देख रहे

अब जी भर निहार तो लो

हमको भी।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance