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Richa Goswami

Romance

4  

Richa Goswami

Romance

वक्त

वक्त

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240

मैं घड़ी सी रुकी रही 

तू वक्त सा चला गया


जिसके लिए मैने सब छोड़ा

वो ही मुझे मझधार में छोड़ गया


जिसके लिए टूटते तारे को देख कर आंख बंद करी थी

वहीं आज मुझे देख कर नज़रें फेर गया।


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