Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer
Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer

मासूमियत...

मासूमियत...

1 min
177


उसका दिल 

जब कोई 

दुखाया होगा, 

उसे 

अपना बनाकर 

जब कोई 

ठुकराया होगा, 

तब उसे 

मेरी याद 

आयी होंगी, 

और मेरी 

मासूमियत को सोचकर, 

  

महफ़िलो में भी 

वो खुद को 

तन्हा पाया होगा,

जब -जब

उसके अश्क़ बहे 

मैं बरसात 

बन गया, 

धुप हुआ तो मैं 

चांदनी रात बन गया, 



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance