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Akanksha Rao

Drama

5.0  

Akanksha Rao

Drama

माँ

माँ

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मातृदिवस की बहुत बहुत बधाई,

माँ कहूँ, मम्मी कहूँ या फिर आई।


माँ तो हर रूप में

बहुत प्यारी होती है,

माँ सहनशीलता,

त्याग की एक मूरत होती है।


अपने बच्चों को हर हालात में

खुश देखना चाहें वो,

दुख में भी बच्चों के सामने

हमेशा मुस्कुराएं वो।


इंसान जिसके लिये

बड़ा होकर भी रहे बच्चा,

बहुत बुद्धिमान होकर भी

जिसके सामने दिमाग हो कच्चा।


जिसके हाथ सिर पर सहलाते ही

सुकून की नींद आ जाये,

जो हर मुसीबत से

निकलने का हल बतलाये।


माँ तो हर रूप में महान है,

माँ तुम्हें शत् शत् प्रणाम है।


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