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Classics

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हक़ीक़त

हक़ीक़त

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जीवन की हक़ीक़त

कुछ यूं बदल गई है,


कि हम खुद को ढूंढने में

व्यस्त हो गए हैं।


समय ही नहीं निकाल पाते

कि आपको ढूंढे,


पर आप भी क्या वक़्त के

मोहताज हो गए हैं।        


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