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Drama Others
कोई आदत है
और अब वो कोई कहीं नहीं हैं
वो रहेगा पर यादों में
और अब वो यकीं मुझमें नहीं है
मेरी हिम्मत हौसला
सब का आधार था वो
अब उसकी हिम्मत है
पर मेरा वो आधार नहीं है
कोई था/है
हक़
कायल
गुमनाम
मौजूदगी
किसी रोज़
तुम
आवाज़
हक़ीक़त
बदलाव
हर राज्य की अपनी यहां अलग पहचान है l हर राज्य की अपनी यहां अलग पहचान है l
दिखे हज़ारों लोग सदा पर कोई किसी को ना भाया। दिखे हज़ारों लोग सदा पर कोई किसी को ना भाया।
यकीं कर हम जीतेंगे ये लड़ाई..! आज कर लो ख़ुद के लिए कड़ाई..! यकीं कर हम जीतेंगे ये लड़ाई..! आज कर लो ख़ुद के लिए कड़ाई..!
अकेला था तू, अकेला ही तू चल खुद में ही छुपे हैं खुशियों के पल- 2 अकेला था तू, अकेला ही तू चल खुद में ही छुपे हैं खुशियों के पल- 2
मिट रहा मांग का सिंदूर, नम आंखों संग बेटा तैयार कर रहा "चिता" को लकड़ियां। मिट रहा मांग का सिंदूर, नम आंखों संग बेटा तैयार कर रहा "चिता" को लकड़ियां।
मैंने बाबुल की झुकी पगड़ी को देखा, मेरे लिए उन्हें किसी के आगे झुकते देखा, मैंने बाबुल की झुकी पगड़ी को देखा, मेरे लिए उन्हें किसी के आगे झुकते देखा,
वादा निभा गई रात पागल करने लगी। वादा निभा गई रात पागल करने लगी।
उस समय के प्रेमी भी क्या कोई कम थे प्रेमी के पत्र भी परिंदे ले जाते थे उस समय के प्रेमी भी क्या कोई कम थे प्रेमी के पत्र भी परिंदे ले जाते थे
रिश्ता बनाए रखने के लिए सच्चा प्रेम जरूरी है l प्रेम फूलों की खुशबू, प्रेम बसंत की ऋ रिश्ता बनाए रखने के लिए सच्चा प्रेम जरूरी है l प्रेम फूलों की खुशबू, प्रेम ब...
संग मेरे चलना, हमेशा हर दम, हर पल, हर दफ़ा। संग मेरे चलना, हमेशा हर दम, हर पल, हर दफ़ा।
कुछ बात मेरे मन की जिसे मैंने कहना चाहा तो खुद को ही पाया सुनाने को। कुछ बात मेरे मन की जिसे मैंने कहना चाहा तो खुद को ही पाया सुनाने को।
कर्म फल को त्याग कर, धारण कर तू धर्म कोl कर्म फल को त्याग कर, धारण कर तू धर्म कोl
ख्वाब टूटे मेरे कांच जैसे ख्वाब कोई दिखाना नहीं है ख्वाब टूटे मेरे कांच जैसे ख्वाब कोई दिखाना नहीं है
रात तो ढल गई तेरे इंतज़ार में पर वो अधूरी किताब को पूरा करना भी है। रात तो ढल गई तेरे इंतज़ार में पर वो अधूरी किताब को पूरा करना भी है।
मोहब्बत एक खूबसूरत फ़साना है l मोहब्बत सदा साथ निभाना है l मोहब्बत एक खूबसूरत फ़साना है l मोहब्बत सदा साथ निभाना है l
हर बार नये साहिल तक पहुचने से पहले अपना रास्ता बदल लेती है घबराया था मन उस में काफी या हर बार नये साहिल तक पहुचने से पहले अपना रास्ता बदल लेती है घबराया था मन उस मे...
कवि के चश्में से दिखती दुनिया कवि के चश्में से दिखती दुनिया
काग़ज को इतना है सहेजा कचरा सा लगे अब जीवन मेरा। काग़ज को इतना है सहेजा कचरा सा लगे अब जीवन मेरा।
जिस दिन दिखेगी खुद की कमी उस दिन खुलेगी आपकी आंख जिस दिन दिखेगी खुद की कमी उस दिन खुलेगी आपकी आंख
कहीं चिलचिलाती धूप है तो कहीं छांव है l इस सफर में लगा जिंदगी का दाम है l कहीं चिलचिलाती धूप है तो कहीं छांव है l इस सफर में लगा जिंदगी का दाम है l