STORYMIRROR

Priyanka Vegda

Drama

4  

Priyanka Vegda

Drama

लॉन्ग डिस्टेंस पैन

लॉन्ग डिस्टेंस पैन

1 min
340

यँ तो हक मेरा है और पूरा हक है भी नहीं,

तुम मेरे होकर भी पूरी तरह से मेरे हुए नही।


ख्वाब तो दोनों के एक है मगर रास्ते है अलग,

तुम्हे पाकर भी अधूरी हूं में ये कैसी है सुलग ?


रोज इंतजार में तुम्हारे कदमों की आहट आती रहेगी,

मायूसियत तुम्हारे कदमों के जाने की

तड़प दिल को उलझाती रहेगी।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama