Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!
Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!

Priyanka Vegda

Romance


4  

Priyanka Vegda

Romance


आहट इंतज़ार की

आहट इंतज़ार की

1 min 37 1 min 37

उसके इंतज़ार में जैसे समय मेरा थम सा गया,

मानो जैसे किताब में रखा गुलाब सुख सा गया।


फोन में आती हर एक आहट उसकी लग रही,

किसी और की आवाज़ जैसे उसकी ही सुनाई देने लगी।


हा हा ये समय ही तो है जो ले रहा इम्तेहान,

आहट इंतज़ार की से दूरी नहीं लेकिन बढ़ रहा मेरा प्यार बेइन्तहान।


Rate this content
Log in

More hindi poem from Priyanka Vegda

Similar hindi poem from Romance