STORYMIRROR

Priyanka Vegda

Abstract Drama Tragedy

4  

Priyanka Vegda

Abstract Drama Tragedy

प्यार या नफरत?

प्यार या नफरत?

1 min
404

ऐसी कौनसी ज़िद या नाराजगी है

तुम्हारी की बेवजह या कोई वजह से ही चुप हो,


कहने के लिए बहुत कुछ कहा था 

या सिर्फ वो बातें ही थी जो मैंने ही सच मान ली हो।


पूरी ज़िंदगी साथ चलने की उम्मीद तो नहीं इस दौर में,

बस चंद लम्हे दे सको खुशी के वो ही एहसान कर लो मुझ पे।


अगर हिम्मत हो तो ही किसी को अपनी ज़िंदगी में लाना,

अगर हिम्मत हो तो ही किसी को अपना बनाना।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract