क्या यही प्यार है ...
क्या यही प्यार है ...
तुमसे मिलकर जब मैं खुद को भूल जाती हूँ !
तुमसे मिलकर जब मैं मधुर गीत का तराना गाती हूँ !!
तब अक्सर सोचती हूँ कि क्या यही प्यार है ...
तुम जब होते नहीं हो पास ..तब मैं हो जाती हूँ उदास !
तुम ही मेरे लिए होते हो सबसे बहुत खास ..
तुम मेरे लिए हो सुकून से भरा ...अहसास ...
तब अक्सर सोचती हूँ कि क्या यही प्यार है !!
तुम मेरे साथ हो तो मुझे दर्द भी नहीं सताता है !
तुम मेरे साथ हो तो अंधेरा भी रोशन हो जाता है !!
तुम मेरे लिए कोहिनूर सा हीरा हो ......
तपते मरु में तुम मानो सदानीरा हो ...
तुम मिल गए तो मानो जन्नत मिल गई है ..
मुझे लगता है मेरी बरसों की मन्नत मिल गई है !!
तब दिल चुपके से कहता है ..यही प्यार है !!

