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संदीप सिंधवाल

Tragedy

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संदीप सिंधवाल

Tragedy

क्या हुआ है दिल्ली को मालूम कर

क्या हुआ है दिल्ली को मालूम कर

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किसने दंगा फैलाया दिल्ली में मालूम कर

किससे मातम छाया दिल्ली में मालूम कर।


गर वतन के लिए प्यार हर जिगर में पला

तूफां कहां से आया दिल्ली में मालूम कर।


घर आया मेहमान भगवान सा है अगर

क्यों मजाक उड़ाया दिल्ली में मालूम कर।


दुनिया की नजरें टिकी हैं सिर्फ भारत पर

क्या कैमरे पे आया दिल्ली में मालूम कर।


बड़ी सी शक्ति झुक गई मेरे देश के सामने

शर्म से सिर झुकाया दिल्ली में मालूम कर।


जला मकान बनेगा फिर पर घर कभी नहीं

जज्बातों को जलाया दिल्ली में मालूम कर।


ये ज़मीं तुम्हारी, तुम यहीं के, तो यहीं रहोगे

क्यों मन बौखलाया दिल्ली में मालूम कर।



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