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सीमा शर्मा सृजिता

Tragedy Inspirational

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सीमा शर्मा सृजिता

Tragedy Inspirational

पिंजरा

पिंजरा

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मां ने लाड़ से चिरैया क्या कह दिया 

बापू ने सच मान लिया 

मुझे चलना सिखाया 

उड़ना मैंने सीख लिया 

मुझे बोलना सिखाया 

लिखना मैंने सीख लिया 

फिर मेरे लिए लाया गया 

सोने का पिंजरा 

मेरे मालिक ने मुझ चिरैया को 

खूब लाड़ किया 

वह मुझे पिंजरे में रखता तो 

मगर उड़ने देता जब उसका मन होता 

बोलना उसे भाता नहीं था 

उसने मुझे सुनना सिखाया 

चीखना मैंने सीख लिया 

लिखने की कला का प्रयोग कर 

मैं उड़ने लगी 

मैं लिखती रही 

खूब लिखती गई

और एक दिन मैंने फिर 

पिंजरा तोड़ना सीख लिया। 


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