chandraprabha kumar
Fantasy
चिड़ियॉं चहकीं
सूरज निकला
हवा बही
घास गीली
नन्हींपत्ती
ओस से भीगी।
डाल लगा
लाल कनेर,
फूल झरे
पेड़ तले,
गेंदा पीला
जीनिया खिला।
उनींदा स्वप्न जाग गया,
अधजगी शबनम मुस्करा दी।
लबों पे अब,
मुस्कराहट आने लगी।
हाइकु- दिन नि...
एकान्त सा...
सफल जीवन
शिव सावन
एकाकी प्रहर
अमृत पु...
उसी का प्रसा...
गये जंगल
गये बाजार
कर्म करो
कुछ समझ ना आए तो पानी उबाल के रखिए। कुछ समझ ना आए तो पानी उबाल के रखिए।
खुद ही पहेली बन जाने से पहले, धड़कनों को जरा तुम दबोच लो खुद ही पहेली बन जाने से पहले, धड़कनों को जरा तुम दबोच लो
हां यह सच है कि आज इजहार-ए- इश्क करते हैं तुमसे। हां यह सच है कि आज इजहार-ए- इश्क करते हैं तुमसे।
रूह से रूह ने मिलके सीखा देह का हर एक दाग़ छुपाना...! रूह से रूह ने मिलके सीखा देह का हर एक दाग़ छुपाना...!
तू ही है प्रीत, तू ही मनमीत ,तू ही संगीत है जानम तुझे क्या नाम दूं जानम। तू ही है प्रीत, तू ही मनमीत ,तू ही संगीत है जानम तुझे क्या नाम दूं जानम।
आईं मिथिला की राजकुमारी वधू बनकर तुम्हारा अहोभाग्य था आईं मिथिला की राजकुमारी वधू बनकर तुम्हारा अहोभाग्य था
प्रतीक्षा सदा अच्छा नहीं होता है जान लें सभी। प्रतीक्षा सदा अच्छा नहीं होता है जान लें सभी।
राधा कहतीं, " खूब जानती हूँ मैं तुम्हें", और रंग देतीं कृष्ण के गाल, और बिखर जाता सार राधा कहतीं, " खूब जानती हूँ मैं तुम्हें", और रंग देतीं कृष्ण के गाल, और बिखर...
जिस की आवाजें पल पल तुम्हें जगा देती, वह हमसफ़र यार तेरा सिर्फ मैं हूं जिस की आवाजें पल पल तुम्हें जगा देती, वह हमसफ़र यार तेरा सिर्फ मैं हूं
या हर हासिल की ऊंचाई में एक खोखलापन रह जाएगा? या हर हासिल की ऊंचाई में एक खोखलापन रह जाएगा?
इस हरे-भरे जंगल में, समय का कोई पता नहीं चलता। इस हरे-भरे जंगल में, समय का कोई पता नहीं चलता।
मैं भी शायद गलत वक्त पर गुलाब था ले आया वो बेहद शर्मा गई थी उसे कोई अच्छा बहाना ना मैं भी शायद गलत वक्त पर गुलाब था ले आया वो बेहद शर्मा गई थी उसे कोई अच्छा ब...
मशहूर है सनम तेरा सितम, बस्ती-ए-चाहत में, पर तेरा ये सितम, कि सितम भी, मुझपर कहाँ हुआ...! मशहूर है सनम तेरा सितम, बस्ती-ए-चाहत में, पर तेरा ये सितम, कि सितम भी, मुझपर कहा...
मिल गयी दुनियां के झमेले में जान मिल गयी। मिल गयी दुनियां के झमेले में जान मिल गयी।
किताबों से यकीनन जी 'हिया' अब भर गया होगा वो मुद्दत बाद लौटा है मिरा दर खटखटाने को। किताबों से यकीनन जी 'हिया' अब भर गया होगा वो मुद्दत बाद लौटा है मिरा दर खटखट...
तब इन्हीं रंगों को देख थोड़ा सुख चैन पाता हूँ तब इन्हीं रंगों को देख थोड़ा सुख चैन पाता हूँ
सबके लिए खास-खास बनें यहां, बस तुम अपनी पहचान ले बंदे। सबके लिए खास-खास बनें यहां, बस तुम अपनी पहचान ले बंदे।
उसमें है जीवन की गाथा, हर राज का खुलासा। उसमें है जीवन की गाथा, हर राज का खुलासा।
मेरी मम्मी और सभी की मम्मी किसी ने निकाली नहीं आज तक एक आवाज़ कि काम ज्यादा या मैं थक गई पूरी ज़िदग... मेरी मम्मी और सभी की मम्मी किसी ने निकाली नहीं आज तक एक आवाज़ कि काम ज्यादा या ...
ब्रज भूमि तो पिया की मोरे लीला का स्थल था, सीखना जो सबको पाठ अमर था ब्रज भूमि तो पिया की मोरे लीला का स्थल था, सीखना जो सबको पाठ अमर था