chandraprabha kumar
Children
आज हम गए जंगल
लाने के लिए लकड़ी ,
लकड़ी लकड़ी छुट गई
साथ में आ गई लड़की।
हाइकु- दिन नि...
एकान्त सा...
सफल जीवन
शिव सावन
एकाकी प्रहर
अमृत पु...
उसी का प्रसा...
गये जंगल
गये बाजार
जा...
नींद में ही मेरे अधूरे सपने को खोल दिया। नींद में ही मेरे अधूरे सपने को खोल दिया।
हमेशा मुझे फूल की तरह खिलना सिखाती। उसे सहेली कहूं या मां। हमेशा मुझे फूल की तरह खिलना सिखाती। उसे सहेली कहूं या मां।
वक्त और सब्र के जंग में इस कदर फंसा है इंसान , ना खामोशी बर्दाश्त होती ना हाल सुनाया ज वक्त और सब्र के जंग में इस कदर फंसा है इंसान , ना खामोशी बर्दाश्त होती ना हाल...
हर्षिता की भूमिका निभाती मुस्कुरा देती हूं। हर्षिता की भूमिका निभाती मुस्कुरा देती हूं।
मेरी ज़िंदगी में वो मेरा खुदा मैंने पाया है। मेरी ज़िंदगी में वो मेरा खुदा मैंने पाया है।
एक प्याला पानी क्यों नहीं रखते हो भईया, ज्यादा कुछ मांग न करती चिड़िया। एक प्याला पानी क्यों नहीं रखते हो भईया, ज्यादा कुछ मांग न करती चिड़िया।
अजीब सी डरावनी आवाजें आती है, अंधेरे में सब कुछ डरावना हो जाता है, अजीब सी डरावनी आवाजें आती है, अंधेरे में सब कुछ डरावना हो जाता है,
इस आस में की उसकी रानी मां अब ठीक हो जाए वो गरीब का बच्चा। इस आस में की उसकी रानी मां अब ठीक हो जाए वो गरीब का बच्चा।
हम जंगल के वासी हैं। हम भी प्रेम के विश्वासी हैं। प्यार हमें भी प्यारा है । हम जंगल के वासी हैं। हम भी प्रेम के विश्वासी हैं। प्यार हमें भी प्यारा ह...
तुमसे ये न हो पाएगा ये ताना न दें बारम्बार ! बच्चों को दीजिए प्यार दुलार ! तुमसे ये न हो पाएगा ये ताना न दें बारम्बार ! बच्चों को दीजिए प्यार दुलार !
पर फिर भी प्यार मिले मुझे मेरे अवगुण देखे बिन, तो क्यों ना हो मातृ दिवस हर दिन ? पर फिर भी प्यार मिले मुझे मेरे अवगुण देखे बिन, तो क्यों ना हो मातृ दिवस हर दिन...
वन्यजीवों का ख्याल करो पर्यावरण को सुरक्षित करो। वन्यजीवों का ख्याल करो पर्यावरण को सुरक्षित करो।
मुन्नी ने खुशी से फिर, जोर -जोर से ताली बजाई। मुन्नी ने खुशी से फिर, जोर -जोर से ताली बजाई।
पहली मोहब्बत ए मां तू मुझे, इस दुनिया में सबसे प्यारी है... पहली मोहब्बत ए मां तू मुझे, इस दुनिया में सबसे प्यारी है...
ज्ञान नीति आचार सिखाकर, कर देता हमको पावन।। ज्ञान नीति आचार सिखाकर, कर देता हमको पावन।।
बना लेती वृक्ष के कोटरों में घर द्वार सजाती नन्ही गिलहरी छोटा सा संसार। बना लेती वृक्ष के कोटरों में घर द्वार सजाती नन्ही गिलहरी छोटा सा संसार।
हम कलम के सिपाही बढ़ते चलेंगे, लेखनी से सदैव लिखतें चलेगे। हम कलम के सिपाही बढ़ते चलेंगे, लेखनी से सदैव लिखतें चलेगे।
थे बगीचे में पशु पंछी अनेक, पर मिली मुझे दोस्त कोई नेक। थे बगीचे में पशु पंछी अनेक, पर मिली मुझे दोस्त कोई नेक।
कोमल उर-सी परियों का है जीवन तेरा, कोमल उर-सी परियों का है जीवन तेरा,
जीत जाओगे तुम हर बाज़ी अगर अटल तुम्हारा प्रयास हो,।। जीत जाओगे तुम हर बाज़ी अगर अटल तुम्हारा प्रयास हो,।।