chandraprabha kumar
Children
आज हम गए जंगल
लाने के लिए लकड़ी ,
लकड़ी लकड़ी छुट गई
साथ में आ गई लड़की।
हाइकु- दिन नि...
एकान्त सा...
सफल जीवन
शिव सावन
एकाकी प्रहर
अमृत पु...
उसी का प्रसा...
गये जंगल
गये बाजार
कर्म करो
क्या करें इस विकास का, पहले हम ज्यादा सच्चे थे। क्या करें इस विकास का, पहले हम ज्यादा सच्चे थे।
ख़ूब लड़े फिर जीवन से संसार चक्र सब सीख लिया। साहस जब कमज़ोर पड़ा तो मन भीतर ही चीख़ लिया... ख़ूब लड़े फिर जीवन से संसार चक्र सब सीख लिया। साहस जब कमज़ोर पड़ा तो ...
हरसिंगार रात की रानी सुगंध बिखराते हैं मस्तानी मन में हलचल मचती फिर रोज देखते चाँद हरसिंगार रात की रानी सुगंध बिखराते हैं मस्तानी मन में हलचल मचती फिर र...
माँ की कोख में बेटी बोल रही मुझे भी देख लेने दो ये संसार मेरा भी हक़ है खेलने का माँ की कोख में बेटी बोल रही मुझे भी देख लेने दो ये संसार मेरा भी हक़ है ...
थोड़ी सी शैतानी मेरी मुझ को वापस कर दो ना बचपन में क्यों बड़ा बनाया फिर से बच्चा कर दो थोड़ी सी शैतानी मेरी मुझ को वापस कर दो ना बचपन में क्यों बड़ा बनाया फिर स...
सीखें बच्चे लोक व्यवहार को करके रस्म और नेग। सीखें बच्चे लोक व्यवहार को करके रस्म और नेग।
हो न कोई चिंता और न परेशानी कोई , समझे हमारी भाषा सुंदर ऐसा संसार चाहिए । हो न कोई चिंता और न परेशानी कोई , समझे हमारी भाषा सुंदर ऐसा संसार चाहिए ।
मम्मी फिर चिल्ला कर बोली कहाँ चली बच्चों की टोली। छत पर चले नहाने मैया छपक छपैया छपक छपैया। मम्मी फिर चिल्ला कर बोली कहाँ चली बच्चों की टोली। छत पर चले नहाने मैया ...
समय गवांया फिर भी मुझे कुछ ना समझ में आया अब कहां से और क्या लाता उपहार समय गवांया फिर भी मुझे कुछ ना समझ में आया अब कहां से और क्या लाता उपहार
फिर से हौसला बढ़ाती है, उत्साह से हर तिनके साथ। फिर से हौसला बढ़ाती है, उत्साह से हर तिनके साथ।
जिसमे एक प्राइमरी बालक लॉर्ड गणेशा का पोशाक पहनकर, उनका स्वरूप बनकर लोगो के सामने। .. जिसमे एक प्राइमरी बालक लॉर्ड गणेशा का पोशाक पहनकर, उनका स्वरूप बनकर लोगो के सामन...
छोड़ के बस्ता, चलो पकड़ लें, कोई बस, या रेलगाड़ी। छोड़ के बस्ता, चलो पकड़ लें, कोई बस, या रेलगाड़ी।
लालच में टाॅफी के, तुम कभी न आना। अगर हो जाये ग़लती, तो तुम न घबराना लालच में टाॅफी के, तुम कभी न आना। अगर हो जाये ग़लती, तो तुम न घबराना
पंछी हैं वे बैठ जाते हैं किसी भी डाल पर चुग लेते हैं चॉकलेट पंछी हैं वे बैठ जाते हैं किसी भी डाल पर चुग लेते हैं चॉकलेट
महके आँगन हुआ सवेरा कोलाहल ने डाला डेरा। महके आँगन हुआ सवेरा कोलाहल ने डाला डेरा।
कितनी सुन्दर रचना है तेरी, इस जहाँ में सबसे सुंदर बिटिया है मेरी।। कितनी सुन्दर रचना है तेरी, इस जहाँ में सबसे सुंदर बिटिया है मेरी।।
बचपन की वो उछल कूद और, कुछ तेरी और मेरी बतियाँ। चुपके से मिलकर तोड़े थे, कभी अमरूद, नीबू, आम... बचपन की वो उछल कूद और, कुछ तेरी और मेरी बतियाँ। चुपके से मिलकर तोड़े थे, ...
वो दॉंतों से नेल्स बाईट करना, वो गंदे केड्स पे चॉक से रगड़ना। वो दॉंतों से नेल्स बाईट करना, वो गंदे केड्स पे चॉक से रगड़ना।
संग आपके सैर पे जाना है चांद की दुनियाँ बारे में सारे जहां को समझाना है... चंदा मामा संग आपके सैर पे जाना है चांद की दुनियाँ बारे में सारे जहां को समझाना है......
कैसे सुन्दर पंख रंगे थे, सुन्दर सा घोंसला बनवाया, घर वालों से छुप-छुपा कर, किताबों वाले दरख... कैसे सुन्दर पंख रंगे थे, सुन्दर सा घोंसला बनवाया, घर वालों से छुप-छुपा कर,...