chandraprabha kumar
Children
आज हम गये बाज़ार
लाने के लिये आलू,
आलू आलू छुट गया
साथ में आ गया भालू।
हाइकु- दिन नि...
एकान्त सा...
सफल जीवन
शिव सावन
एकाकी प्रहर
अमृत पु...
उसी का प्रसा...
गये जंगल
गये बाजार
कर्म करो
सुबह सुबह अलार्म संग शुरू हो जाती ____जंग सुबह सुबह अलार्म संग शुरू हो जाती ____जंग
उससे थोड़ा बहुत या बहुत कुछ सीखना भी कभी ना छोड़े। उससे थोड़ा बहुत या बहुत कुछ सीखना भी कभी ना छोड़े।
हां भूल गई थी मै एक लड़की हूं अपनी मर्ज़ी से जीना मेरी हद में नहीं। हां भूल गई थी मै एक लड़की हूं अपनी मर्ज़ी से जीना मेरी हद में नहीं।
कष्टों को सहन करना उनके मार्ग पर संयम धारण करना कष्टों को सहन करना उनके मार्ग पर संयम धारण करना
जब हम बच्चे थे और बारिश में भीग कर ऐसे मौसम में स्कूल जाया करते थे जब हम बच्चे थे और बारिश में भीग कर ऐसे मौसम में स्कूल जाया करते थे
छोड़ आए थे उस पेड़ की डाल पर, भाग आये थे माली के डर से सभी। छोड़ आए थे उस पेड़ की डाल पर, भाग आये थे माली के डर से सभी।
अपने लिए अब ना कोई आरजू है बस मेरी हर खुशी मेरी बेटी मेरी मिष्ठी में है। अपने लिए अब ना कोई आरजू है बस मेरी हर खुशी मेरी बेटी मेरी मिष्ठी में है।
पहले दोस्तों के साथ लड़ना मनाना रोज का काम था पहले दोस्तों के साथ लड़ना मनाना रोज का काम था
दुआ हैं बारिशें रब की, जो फैसलों को उगाती हैं बद-दुआ ख़ुदा की बारिश, बाढ़ लेती, डुबोत दुआ हैं बारिशें रब की, जो फैसलों को उगाती हैं बद-दुआ ख़ुदा की बारिश, बाढ़ ले...
आज फिर से आई देखो रात दिवाली वाली छूट रहे हैं घर घर पटाखे और फुलझड़ी रंगों वाली। आज फिर से आई देखो रात दिवाली वाली छूट रहे हैं घर घर पटाखे और फुलझड़ी रंगों वाल...
हम बच्चों की इच्छाएँ अब पूरी होगी कैसे ? माँ अब मुझको एलियन बना दो जैसे तैसेI हम बच्चों की इच्छाएँ अब पूरी होगी कैसे ? माँ अब मुझको एलियन बना दो जैसे तैसे...
हाँ, जादूगरनी थीं वो सच आज लगता है गणित की मैम जादूगरनी थीं..!! हाँ, जादूगरनी थीं वो सच आज लगता है गणित की मैम जादूगरनी थीं..!!
अपनी नन्ही सी गुड़िया का चलो हम, आज ज़श्न-ए-जन्मदिन मनाते हैं।। अपनी नन्ही सी गुड़िया का चलो हम, आज ज़श्न-ए-जन्मदिन मनाते हैं।।
घूम-घूम मंदिरों में दीप जलाते, दोस्तों संग पटाखे चलाते घूम-घूम मंदिरों में दीप जलाते, दोस्तों संग पटाखे चलाते
मन की परतों पर अवसाद की धूल जो जमी है उस पर प्रहार कर .. मन की परतों पर अवसाद की धूल जो जमी है उस पर प्रहार कर ..
दादी हम भी अपने माता-पिता से कभी ना होंगे नाराज, खत्म हुई परियों की कहानी, सबने जोर स दादी हम भी अपने माता-पिता से कभी ना होंगे नाराज, खत्म हुई परियों की कहानी, स...
ढूँढूँ तुझे कैसे मैं, माँ शारदे मानव मन तो गज सा समान है। ढूँढूँ तुझे कैसे मैं, माँ शारदे मानव मन तो गज सा समान है।
अर्जुन सी अकर्मण्यता से बचाये फिर एक उत्कृष्ट वीर कहलाये। अर्जुन सी अकर्मण्यता से बचाये फिर एक उत्कृष्ट वीर कहलाये।
आखिरकार वह पीछा करने वाला मेरी पकड़ में आ ही गया वह कोई और नहीं मेरा छोटा भाई था आखिरकार वह पीछा करने वाला मेरी पकड़ में आ ही गया वह कोई और नहीं मेरा...
नया जमाना नई उमंगें नए साल की हलचल दिल में मेरे जगे तमन्ना सुखदायक हो हर कल नया जमाना नई उमंगें नए साल की हलचल दिल में मेरे जगे तमन्ना सुखदायक हो हर कल