STORYMIRROR

क्षणिका

क्षणिका

1 min
572


कभी-कभी

शब्द खामोश हो जाते हैं,


भावों के सैलाब

दिल से निकल


नयनों से बह जाते हैं..।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama